सोनू सूद का कहना है कि कोरोना में मरने वालों का अंतिम संस्कार नि:शुल्क होना चाहिए

Covid-19

भारत देश में भी सभी देशो के मुक़ाबले सबसे अधिक कोरोना वायरस फैला है जिसके बाद पिछले साल जो अपने पैदल जाने में मजबूर थे उन्हें घर तक पहुंचाया। देश में महामारी फैलने के बाद से सोनू सूद सबसे आगे रहे हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान घर वापस आने के लिए प्रवासी कामगारों की मदद करने के रूप में शुरू की गई, जिसके बाद सोनू सूद एक यैसे अभिनेता बन गए जिन्होंने पूरे देश का दिल जीत लिया उन्होंने बस, ट्रेन जैसी सुबिदा से मजदूरों और छात्रों को उनके घर पहुंचाने में मदत की जिसके उन्हें देश भर उन्हें एक अच्छे अभिनेता के स्वरुप में माना जाने लगा।

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सोनू सूद का कहना है

इस साल अधिक से अधिक लोगों की मदद करने के लिए कई गुना बढ़ गई है। सोनू जितने लोगों को बचाने के लिए यह सब कर रहा है, उसकी अपनी एक नींव है जो भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में भी लोगों तक पहुंचने के लिए महामारी के दौरान काम कर रहा है। आज, अभिनेता ने सरकार से एक दलील के साथ इंस्टाग्राम पर लिया।

सोनू सूद पिछले साल सुर्खियों में रहे क्योकि इन्होने सभी मजदूरों और स्टुडेंट जो भी अपने घर नहीं जा पा रहे थे उन्हें बस अथवा प्राइवेट वाहनो से घर पहुंचाया गया। उन्होंने हाल ही में अपने साथ हुई एक घटना का वर्णन करते हुए शुरुआत की, जहां उन्होंने कहा कि वह किसी की मदद कर रहे थे और ऑक्सीजन सिलेंडर की खोज से लेकर अस्पताल के बिस्तर तक श्मशान घाट तक एक बड़ा संघर्ष था।

उन्होंने सरकार से कानूनों के साथ आने का आग्रह किया जो सुनिश्चित करते हैं कि सीओवीआईडी -19 के कारण मरने वाले लोगों का मुफ्त में अंतिम संस्कार किया जाए। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वे कदम उठाए और यह सुनिश्चित करें कि लकड़ी जैसे दाह संस्कार के लिए आवश्यक आवश्यक संसाधन श्मशान घाटों को मुफ्त में प्रदान किए जाएं। जिससे किसी को कोई भी परेशानी नहीं हो और समशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए अलग से covid-19 मरने के लिए समसान घाट बनाये जाये।

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